नीमच रोड स्थित एपीसी कॉलेज प्रतापगढ़ में विश्व रेडियो दिवस मनाया गया। प्राचार्य डॉ. संजय गील ने बताया कि महाविद्यालय में संचालित योजना मंच के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में के मुख्य वक्ता आकाशवाणी चित्तौड़गढ़ के उद्घोषक अमित कुमार चेचानी रहे। उन्होंने पिछले 25 सालों से आकाशेवाणी कार्यक्रमों से जुड़े अनुभव सांझा करते हुए आकाशवाणी के कालांतर से चले आ रहे सामाजिक, साहित्यिक, संस्कृति व आर्थिक निर्माण में योगदान को वर्तमान परिवेश में प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को परस्पर संवाद के माध्यम से बताया कि रेडियो जॉकी बनने के लिए आपके अंदर कौशल होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होनें कहा कि किसी भी कार्यक्रम को ऐसे प्रस्तुत करना चाहिए कि सुनने वाले की दिलचस्पी बढे और उस क्षेत्र की जानकारी होना आवश्यक होता है जिससे किसी भी कार्यक्रम को मजेदार बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को रेडियो सुनने के लिए प्रोत्सहित किया ताकि वह हर तरह की जानकारी रेडियो के माध्यम से ले सके। उन्होंने आकाशवाणी चित्तौड़गढ़ से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी। आकाशवाणी के कार्यक्रमों को किस तरह से बेहतर रूप से तैयार किया जाए उसके गुर भी सिखाए। प्राचार्य डॉ. संजय गील ने कहा कि संचार के शुरूआती दौर में रेडियो आमजन के लिए ज्ञान व मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण साधन था, जिसने आमजन में जन जागृति का काम किया। कई ऐसे अवसरों पर जब देश-विदेश में किसी भी घटनाक्रम को सूचित करना होता था तो रेडियो ही एक प्रमुख माध्यम होता था। चाहे आपातकाल हो या युद्ध, भूकंप हो या ज्वालामुखी की खबरें हो रेडियो के माध्यम से ही लोग उसे जान पाते थे। इस कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से रेडियो व आकाशवाणी के वृतचित्र भी दिखाए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रेडियो से संबंधित सवाल जवाब भी किए और रुचि भी दिखाई। कार्यक्रम का संयोजन व्याख्याता रत्नेश करणपुरिया ने किया।
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