युवा स्वयं के लक्ष्य निर्धारित करते हुए सतत् प्रयत्नशील रहे : एडीजे केदारनाथ महाविद्यालय में गुरु वंदन छात्र अभिनंदन आयोजित हुआ। प्राचार्य डॉ. संजय गील ने बताया कि सांस्कृतिक साहित्य परिषद के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्वलन तथा कुलगीत से हुई। बतौर मुख्य अतिथि जिला सत्र न्यायाधीश केदारनाथ ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षकों का सम्मान करने की सलाह देते हुए कहा कि पाश्चात्य देश वर्तमान में भारतीय संस्कृति का अनुसरण कर रहे है, जबकि इसके विपरीत भारतीय युवा भारतीय संस्कृति को छोड़कर हिप्पी सम्पूर्ण विश्व को राह दिखाने वाली संस्कृति की और उन्मुख हो रहे है। उन्होंने युवाओ से आह्वान किया कि शिक्षक राष्ट्र कि अमूल्य धरोहर है एवं यह गौरव का विषय है कि शिक्षकों के प्रति समर्पण केवल भारतीय समाज में ही देखने को मिलता है, क्योकि ये हमारे मूल संस्कार है। युवा स्वयं के लक्ष्य निर्धारित करते हुए सतत् प्रयत्नशील रहे एवं प्रत्येक कार्य पूर्ण रूप रूचि लेते हुए करे ताकि में पूर्णतः सफल हो सके। इस अवसर पर शिक्षक सम्मान, नव प्रवेशित छात्र-छात्राओ का अभिनंदन एवं विविध राज्यों कि संस्कृति से ओत-प्रोत विद्यार्थियों के ब्रह्मचारिणी मणिकर्णिका कालरात्री, महागौरी و समूह ने गरबा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। साथ ही ज्ञानपरक प्रतियोगिताओ का आयोजन कर वर्तमान सत्र के लिए मि. फ्रेशर ऋतिक बैरागी एवं मिस फ्रेशर भूमिका जोरवाल का चयन किया। कार्यक्रम के अंत में समस्त विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता और भारतीय संविधान परिपालना की शपथ दिलवाई गई। इस अवसर पर चक्रपाणी चौहान, निरंजन वैष्णव, रिषभ जोशी, डॉ. मिनाक्षी शर्मा, डॉ. भावना सोनी, रत्नेश करणपुरिया, सुनीता खान्डिया, नेहा जोशी, कांता मौना, पदमा लोहार, धर्मेन्द्र सुथार, राजेश कदम, संस्कृति मेहता, पंकज शर्मा, शरदेन्दु द्विवेदी, पूजा टांक, चेतना वैष्णव, मणिकांत अय्यर, रंजित लबाना, अजित सिंह राठोड, गोपाल माली, भैय्या लाल आंजना, लता राठौर, लकी सिसोदिया, नवीन ग्वाला आदि संकाय सदस्य उपस्थित रहे। संयोजन निक्षय नागदा एवं हर्षिता साहू ने किया ।
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