जीवन की हर पराजय जितने के नए मार्ग प्रशस्त करती है: प्रोफेसर राव

नीमच रोड स्थित एपीसी कॉलेज में आयोजित अंतर महाविद्यालय फूटबाल प्रतियोगिता का सम्पत्र हुई। आयोजन सचिव एवं प्राचार्य डॉ. संजय गील ने बताया तीन दिवस तक चली प्रतियोगिता में अंतिम दिवस गोविन्द गुरु जनजातीय विश्विद्यालय बांसवाड़ा के शैक्षणिक सलाहकार प्रोफेसर महिपाल सिंह राव, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कमलेश तेतरवाल, प्राचार्य डॉ. विशाल शर्मा नंदिनी गोशाला अध्यक्ष चन्द्रहास भट्ट समाजसेवी राकेश सोनी एवं विश्विद्यालय पर्यवेक्षक प्रोफेसर मोहन लाल मेघवाल की उपस्थिति में सेमी फाइनल और फाइनल मैचो में सभी टीमों ने एक-दूसरे को कांटे की टक्कर दी एवं अंत तक दबदबा कायम रखते हुए पुरुष वर्ग में एसडीआरके कॉलेज बागीदोरा ने विजेता और गोविन्द गुरु महाविद्यालय बांसवाडा ने उपविजेता का खिताब हासिल किया। इसी प्रकार महिला वर्ग में राजकीय महाविद्यालय साबला विजेता एवं गोविन्द गुरु महाविद्यालय बांसवाडा उपविजेता रही । समापन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए गोविन्द गुरु जनजातीय विश्विद्यालय बांसवाडा के शैक्षणिक सलाहकार प्रोफेसर महिपाल सिंह राव ने खिलाडियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा की खेल शिक्षा का एक अभित्र हिस्सा है, जो हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। साथ ही जीवन की हर पराजय जीवन में जितने के नए मार्ग प्रशस्त करती है साथ ही अब खेल सिर्फ खेल ही नहीं रहा, बल्कि करियर का रूप भी बन गया है. इसलिए इसे और मन लगाकर खेलें और इसमें अपनी अलग पहचान बनाए। उन्होंने उम्मीद जतायी की गोविन्द गुरु जनजातीय विश्विद्यालय बाँसवाड़ा की चयनित खो-खो टीम अन्तर अन्तविश्वविद्यालय प्रत्तियोगिता में भी सफलता हासिल करेगी। प्रतियोगिता समापन कि विधिवत घोषणा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कमलेश तेतरवाल द्वारा की गई । खेल प्रभारी चक्रपाणी चौहान ने खेल प्रतिवेदन प्रस्तुत किया वही संचालन व्याख्याता डॉ. भावना सोनी ने किया। समापन से पूर्व महाविद्यालय में संचालित सांस्कृतिक परिषद द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी, जिसमे विद्यार्थियों के आदिवासी नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। इसी प्रकार सदी के महान फनकार किशोर कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए चंद्रहास भट्ट ने कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन, राकेश सोनी ने फूलों के रंग से दिल कि कलम से, ललित सोलंकी ने मेरे सपनो कि रानी कब आएगी तु मुकेश पंवार ने जिन्दगी आ रहा हूँ में आदि गीत प्रस्तुत कर उपस्थित अत्तिथियों कि दाद बटोरी। इस अवसर पर व्याख्याता सुधा आचार्य, पूजा टांक चेतना वैष्णव, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, राजेश कदम, रवेश करणपुरियां निरंजन वैष्णव, प्रह्मभ जोशी, सुनीता खंडिया, पंकज शर्मा, शरदेन्दु द्विवेदी रणजीत लबाना, हिमांशी साहू, कांता मीना, नेहा शर्मा, अजित सिंह राठोड, भैयालाल अंजना, गोपाल माली लकी सिसोदियाँ नवीन ग्वाला आदि संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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