नीमच रोड स्थित एपीसी महाविद्यालय में डिजिटल साक्षरता एवं साइबर जागरूकता संबंधी कार्यशाला का आयोजन हुआ । प्राचार्य डॉ. संजय गील ने बताया की महाविद्यालय में संचालित जनसँख्या प्रकोष्ठ एवं सुचना एवं प्रोधोगिक विभाग के संयुक्त तत्वाधान आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से डिजिटल साक्षरता एवं साइबर जागरूकता संबंधी जानकारी दी गई। बतौर मुख्य वक्ता साइबर सेल प्रमुख सुधीराम मीणा ने कहा की डिजिटल साक्षरता एवं साइबर जागरूकता केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा की और ले जाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है । कार्यक्रम के दौराननरेन्द्र पाटीदार ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन फॉड, साइबर
से बुलिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, साइबर कानून तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी । प्रोग्रामर सत्यनारायण मीणा ने डिजिटल माध्यमों का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में संबंधित प्राधिकरण को तत्काल सूचित करने के लिए उपस्थित विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
महिला अधिकारिता विभाग कि सहायक निदेशक नेहा माथुर ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत किशोरियों एवं विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उन्हें साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक, करने के उद्देश्य से जिले के चयनित विद्यालयों में प्रत्येक माह विभिन्न विषयों पर जागरूकता
कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है, जिससे विद्यार्थियों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की समझ विकसित होगी तथा वे तकनीक का सकारात्मक एवं सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित होंगे। कार्यशाला के दौरान शिखा शर्मा सी.पी. चौहान, डॉ. रत्नेश जैन डॉ. मीनाक्षी शर्मा, रोहित मूंदड़ा , सुनीता बारेसा, शिवप्रकाश मित्तल, रणजीत लबाना, अजित सिंह राठौड, पंकज शर्मा, शरदेन्दु
शर्मा, बी.एल. अंजना, नवीन ग्वाला, सुधा आचार्य, चेतना बैरागी, लक्की सिसोदिया, सरोज राठोड, लता राठोड, लीना शर्मा, टी. आर. रैदास, धर्मेन्द्र कुमावत, कँवर लाल गायरी, निरंजन वैष्णव , दिनेश दोषी, गोकुल गोस्वामी, गोरव जैन, विदित सालवी, पद्मा लोहार, कांता मीणा सहित सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम संयोजन डॉ. राजेश कदम ने किया ।